बक्सर में लोकसभा  चुनाव  को ले एनडीए     
पूर्व आईआरएस अधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता विनोद चौबे ने बक्सर से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है. शनिवार को उन्होंने बक्सर के लोगों के साथ एक बैठक की और बक्सर के भविष्य के बारे में चर्चा की.इस दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि चूंकि, बिनोद चौबे बक्सर के भूमिपुत्र है और इस क्षेत्र के दुख दर्द को भली-भांति समझते हैं तथा इसके समाधान एवं बक्सर के भविष्य को लेकर एक स्पष्ट दृष्टि रखते हैं इसलिए उनका बक्सर लोकसभा से निर्दलीय चुनाव लड़ना और जितना एक स्वाभाविक प्रक्रिया होगी.

इस दौरान श्री चौबे ने कहा कि अब सही समय आ गया है कि किसी स्थानीय व्यक्ति जो बक्सर वासियों का दर्द समझ सके, इसके भविष्य को संवार सके, किसानों, नौजवानों, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों से संबंधित समस्याओं को समझ कर उसका उचित समाधान ढूंढ सके उसको सामने आना चाहिए और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि दोष सरकार की नीतियों या योजनाओं में नहीं है बल्कि असली कमी उसको सही ढंग से लागू करने और जनता तक भली-भांति पहुंचाने में है. इस क्षेत्र में जन जागरण और जनसंपर्क के माध्यम से उन्होंने बहुत काम किया है. बक्सर वासियों की मांग है कि वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में इस चुनाव में उतरे. यहां की जनता का उन्हें व्यापक समर्थन प्राप्त है. उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी पार्टी की नीति चाहे जो हो किंतु लोकसभा में बक्सर का उम्मीदवार बक्सर वासी ही होना चाहिए.


स्थानीय किला मैदान में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया. जब आचार-संहिता का हवाला देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे की सभा में अनुमति से ज्यादा की संख्या में गाड़ियों को किला मैदान में खड़ा करने पर पूछताछ करने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सवाल किए जाने पर आग-बबूला होते हुए श्री चौबे द्वारा अधिकारियों से बदसलूकी का आरोप लगाया गया है. वहीं मामले को लेकर  प्रशासन द्वारा आचार संहिता का मामला दर्ज कराया जा रहा है.

मामले में मिली जानकारी के मुताबिक टिकट मिलने के बाद पहली बार बक्सर पहुंचे अश्विनी कुमार चौबे ने सर्वप्रथम ब्रह्मपुर स्थित ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर में पूजा अर्चना की, तत्पश्चात वह बक्सर किला मैदान में सभा करने पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि सभा के दौरान किला मैदान में अनुमति से अधिक गाड़ियों को देखते हुए सदर अनुमंडल पदाधिकारी कृष्ण कुमार उपाध्याय तथा एसडीपीओ सतीश कुमार मौके पर पहुंचे वह श्री चौबे से पूछताछ करने लगे. इस दौरान केंद्रीय मंत्री आग बबूला हो गए तथा उन्होंने एसडीपीओ तथा एसडीएम का जोरदार तरीके से विरोध किया. बताया जा रहा है कि उनका लहजा सामान्य से कहीं ज्यादा उग्र था. बाद में वह अपने समर्थकों के साथ वहां से निकल गए.
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