बक्सर डीएम की अध्यक्षता में समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित 


राजन मिश्रा ,12 जनवरी 2026

आज समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी श्रीमती साहिला की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य विभिन्न विभागीय कार्यों की समीक्षा तथा आपसी समन्वय को और सुदृढ़ करना रहा।

जिलाधिकारी ने कृषि विभाग द्वारा चलाए जा रहे एग्रीस्टैक अभियान के अंतर्गत किसान पंजीकरण कार्य में बीडीओ, अंचलाधिकारी, सर्वे अमीन एवं कृषि समन्वयकों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि 6 से 11 जनवरी तक विशेष अभियान चलाया गया है तथा किसान पंजीकरण कार्य आगे भी निरंतर जारी रहेगा, जिसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने का निर्देश दिया गया।

राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को म्यूटेशन, भूमि विवाद एवं ई-मैपिंग से संबंधित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। 75 दिनों से अधिक लंबित म्यूटेशन मामलों को एक सप्ताह के भीतर निष्पादित करने का स्पष्ट आदेश दिया गया।

जन शिकायत निवारण व्यवस्था के अंतर्गत सीएम डैशबोर्ड, सीपीग्राम्स, लोक शिकायत तथा जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। दोनों अनुमंडल पदाधिकारियों को इन मामलों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने को कहा गया तथा सभी प्रखंड के वरीय पदाधिकारियों को भी इन मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

भूमि बैंक की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी अंचलाधिकारियों को 15 जनवरी तक अपनी रिपोर्ट समर्पित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही लंबित न्यायालयीन मामलों की भी समीक्षा की गई तथा जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों के निष्पादन हेतु शिकायत निगरानी प्रकोष्ठ को सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी प्रखंड एवं अनुमंडल स्तरीय पदाधिकारी आमजन की समस्याओं को पूरी संवेदनशीलता और सम्मान के साथ सुनें।

मनरेगा की समीक्षा में जिलाधिकारी ने डीपीओ मनरेगा को ई-केवाईसी की प्रगति बढ़ाने, पंचायत रोजगार सेवकों (PRS) की फील्ड उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा वीडियो कॉल के माध्यम से उपस्थिति सत्यापन के निर्देश दिए। मानव दिवस सृजन पर विशेष जोर देते हुए 30,000 मानव दिवस का लक्ष्य निर्धारित किया गया।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में सिविल सर्जन को सभी प्रखंड स्तरीय अधिकारियों (बीसीएम, बीएचओ, एमओआईसी) की बैठक कर संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा आशा कार्यकर्ताओं की फील्ड गतिविधियों को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। डीपीओ, आईसीडीएस को सिविल सर्जन के साथ समन्वय स्थापित कर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु शिकायत निगरानी प्रकोष्ठ गठित करने तथा सीडीपीओ को आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

उद्योग विभाग की समीक्षा में बीआईएडीए के उप महाप्रबंधक को ईको-सेंसिटिव ज़ोन, ब्लैकबक संरक्षण तथा ड्रेनेज जैसी समस्याओं के समाधान हेतु वन विभाग सहित संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

जिलाधिकारी ने बैठक में स्पष्ट किया कि जिले के समग्र विकास एवं जनहित से जुड़े कार्यों में अंतर-विभागीय समन्वय अत्यंत आवश्यक है और सभी विभाग एक-दूसरे के साथ मिलकर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।



Share To:
Next
This is the most recent post.
Previous
पुरानी पोस्ट

Post A Comment: