आरटीई के तहत आए राशि विद्यालयों तक नहीं पहुंचने के कारण विद्यालय संचालकों में असंतोष का माहौल 

विद्यालय संचालकों के भुगतान संबंधित समस्याओं को सरकार तक जल्दी पहुंचाने की होगी मेरी कोशिश - भरत मिश्रा 


राजन मिश्रा/हिमांशु शुक्ला

३०-०९-२०२०

बक्सर- इन दिनों जिले के कई विद्यालयों के संचालकों के बीच सरकारी कार्यकलाप को लेकर गहरा असंतोष व्याप्त है जिसके पीछे कहीं ना कहीं सरकारी उपेक्षाओं का होना है सूत्रों की माने तो मान्यता प्राप्त विद्यालयों में एक तरफ सरकार द्वारा 25 फ़ीसदी बच्चों को मुफ्त पढ़ाने की व्यवस्था अनिवार्य की गई है वहीं दूसरी ओर इन बच्चों में आने वाले खर्चों को सरकार द्वारा समय से विद्यालय संचालकों के खाते में नहीं भेजा जा रहा है जिसके कारण मान्यता प्राप्त विद्यालयों के संचालकों में रोष व्याप्त है बताया जाता है कि विगत कई वर्षों से आरटीई के तहत आए रुपयों को विद्यालय तक पहुंचने नहीं दिया जा रहा है ऐसी परिस्थिति में विद्यालय संचालकों को इस समय कोरोना काल में दोहरी वित्तीय मार का सामना करना पड़ रहा है एक तरफ लॉकडाउन के चलते विद्यालय में अभिभावकों द्वारा फीस जमा नहीं किया जा पा रहा है वहीं दूसरी ओर सरकार द्वारा भी शिक्षकों को भूखे मरने पर विवश किया जा रहा है जो कहीं से ठीक नहीं है इस मामले पर जब जदयू के राज्य सलाहकार समिति के सदस्य भरत मिश्रा से बातचीत किया गया तो उन्होंने कहा कि विद्यालय संचालकों से संबंधित तमाम समस्याओं को लिखित रूप से सरकार तक पहुंचाने की व्यवस्था कर दी जाएगी वही जल्द से जल्द इनका भुगतान हो सके इसका मांग सरकार से किया जाएगा

गौरतलब हो कि विद्यालय में पढ़ने वाले कुल छात्र छात्राओं के 25 फीसदी छात्र छात्राओं को निशुल्क शिक्षा देने की व्यवस्था सरकार द्वारा कराई गई है जिस से संबंधित भुगतान आरटीआई के माध्यम से किया जाता है आपदाओं के इस समय में सरकार को विद्यालय संचालकों पर ध्यान देते हुए इनको इनके हक का हिस्सा समय पर दे देना चाहिए ताकि समाज में सही संदेश पहुंचे और यह लोग मिलजुल कर लोगों को साक्षर बनाने में अपना योगदान तत्परता से देते रहें

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