जदयू की पहली वर्चुअल रैली 6 सितंबर को , जनसंवाद से जुड़ेंगे लाखों लोग



कोरोना संक्रमण का समय ना होता तो यह वर्चुअल रैली महारैली का रूप लेती -भरत मिश्रा

बिहार के हर कस्बे , हर वार्ड , हर पंचायत के लोग बनेंगे वर्चुअल रैली के हिस्सेदार हर एक जिले से लगभग एक लाख की संख्या में जुड़ेंगे लोग, कुल लगभग 40 लाख लोग होंगे वर्चुअल रैली के हिस्सेदार- भरत मिश्रा

राजन मिश्रा                                                                 29 अगस्त 2020

बक्सर आगामी चुनाव को देखते हुए जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार द्वारा वर्चुअल रैली 6 सितंबर 2020 को रखा गया है जिसे लेकर जदयू के लोग बड़ी तैयारी में लगे हैं हालांकि यह सच्चाई भी है कि जदयू के कार्यकाल में विकास की गति काफी तेज रही और जदयू से लाखों लोग प्रभावित होकर जुड़े अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के आवाहन पर तमाम लोग वर्चुअल रैली की तैयारी में है 


इस रैली के संबंध में जदयू के राज्य सलाहकार समिति के सदस्य भरत मिश्रा ने एक विशेष वार्ता के दौरान यह बताया कि इस रैली में पूरे बिहार से लोग जुड़ेंगे उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय कोरोना संक्रमण का नहीं होता तो यह वर्चुअल रैली महारैली का रूप ले लेती . इस वर्चुअल रैली में भी हर एक जिले से एक लाख लोगों के जुड़ने का समीक्षा किया गया है और इस हिसाब से बिहार के 38 जिलों से लगभग 40 लाख लोग जुड़ेंगे बिहार में सुशासन के दौरान विकास की गति को इतना तेज रखा गया था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की लोकप्रियता अपेक्षा से ज्यादा बढी है . भरत मिश्रा ने यह भी बताया कि बिहार के हर कस्बे, हर वार्ड और पंचायत के लोग इस वर्चुअल रैली का हिस्सा बनने को तत्पर हैं समस्या यह है कि यह समय कोरोना संक्रमण का है और बहुत अधिक भीड़ लगने से संक्रमण बढ़ने का भी खतरा है ऐसे में लोगों को समझा-बुझाकर कंट्रोल किया गया है बावजूद इसके लाखों की संख्या में लोग इस वर्चुअल रैली का हिस्सेदार बनेंगे उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बिहार में जिस प्रकार से जनता के कार्यों का निष्पादन किया गया है उससे उनकी लोकप्रियता बहुत अधिक बढ़ चुकी है वहीं उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार जैसा मुख्यमंत्री किसी भी प्रदेश मे नहीं है यह बिहार के लोगों के लिए गर्व की बात है कि श्री नीतीश कुमार जैसा मुख्यमंत्री बिहार के लोगों को मिला है और अंत में इन्होंनेे बताया कि 6 सितंबर की वर्चुअल रैली बहुत विशाल होगी और इससे मुख्यमंत्री की लोकप्रियता में चार चांद लग जाएगा

गौरतलब हो कि बिहार में चुनाव को लेकर न्यायालय में याचिका दायर की गई थी लेकिन सर्वोच्च न्यायालय द्वारा याचिका को खारिज करते हुए समय पर चुनाव कराने का निर्देश दिया गया है ऐसे में चुनावी प्रचार तेज किया गया है लेकिन कोरोना संक्रमण का दौर चलने के कारण राजनीतिक लोगों को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है बावजूद इसके जिन लोगों द्वारा सही कार्य किया गया है उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानियों का कोई चिंता नहीं है जिसमें बिहार के माननीय मुख्यमंत्री का नाम सबसे आगे है जो बिहार के लोगों के लिए गर्व की बात है आने वाले समय में बिहार में हुए विकास को ध्यान में रखकर लोग चुनाव में दोबारा नीतीश कुमार जी को ही मुख्यमंत्री बनाएंगे ऐसा आकलन सामने आ रहा है

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