खादी ग्रामोद्योग समरमो कैम्प मोमबत्ती बनाने की कला सिख प्रसन्न हुए बच्चे



रिपोर्ट - अनमोल कुमार / राजन मिश्रा 

पटना - बिहार राज्य खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड, बिहार सरकार द्वारा आयोजित समर कैंप के दूसरे दिन प्रतिभागियों को मोमबत्ती बनाने की कला सिखाई गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन क्राफ्ट एज स्टार्टअप की संस्थापक रितिका ने किया, जिन्होंने ग्रामीण उद्यमिता पर आधारित प्रशिक्षण के तहत मोमबत्ती निर्माण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया।

रितिका ने प्रतिभागियों को मोमबत्ती निर्माण के लिए आवश्यक कच्ची सामग्री और विभिन्न किस्म की मोमबत्तियों के लिए अलग-अलग कांबिनेशन के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोमबत्ती निर्माण एक गृह उद्योग है, जिसे आवश्यक मशीनों की व्यवस्था और प्रशिक्षण प्राप्त करके शुरू किया जा सकता है। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि आजकल शहरों में डिजाइनर कैंडल्स की मांग ज्यादा है, इसलिए डिजाइनर कैंडल बनाने की कला सीखना भी महत्वपूर्ण है।

रितिका ने कहा, "मैं यह देखकर बहुत खुश हूं कि अभिभावक बच्चे दोनों ही इस कठिन समय में भी समर कैंप में भाग ले रहे हैं। यह कैंप न केवल कौशल विकास के लिए बल्कि बच्चों और माता-पिता के बीच बेहतर समझ विकसित करने के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह एक ऐसा गतिविधि है जो सभी को एकजुट कर रही है और एक नई कला का अन्वेषण कर रही है।"

इस समर कैंप में कई विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिनमें केन्द्रीय विद्यालय, सेंट जोसेफ कॉन्वेंट, डॉन बॉस्को स्कूल और अरविंद महिला कॉलेज शामिल हैं। इसके अलावा, नालंदा और बरौनी जैसे विभिन्न जिलों से भी युवा इस कैंप में शामिल हुए।

ज़ैरा, एक प्रतिभागी, ने उत्साहपूर्वक कहा, "मुझे यह समर कैंप बहुत अच्छा लगा। मुझे मोमबत्ती बनाना बहुत पसंद है। यहां पर विभिन्न रंगों और प्रकार की मोमबत्तियां बनाने का अवसर मिला है। मैं खुद के लिए कुछ मोमबत्तियां बनाकर घर ले जाऊंगी।"

अन्य प्रतिभागी बच्चों में उज़ैर खान, प्रतीथि और स्वाति शामिल थे, जिन्होंने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का पूरा लाभ उठाया। 

इस समर कैंप का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें नए कौशल सिखाना था, जिससे वे भविष्य में स्वावलंबी बन सकें और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा दे सकें।

Share To:

Post A Comment: