मौसम की संपूर्ण जानकारी
राजन मिश्रा/गणेश पांडे
दिनांक: 10 अक्टूबर 2026
(i) 10 अक्टूबर को बिहार में तथा 13 अक्टूबर को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।
(ii) 10 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल तथा लक्षद्वीप में; केरल एवं माहे में 10 अक्टूबर और 16 अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।
(iii) अगले 2–3 दिनों के दौरान पूर्वी भारत के कुछ और हिस्सों, प्रायद्वीपीय भारत के उत्तरी भागों तथा पूर्वोत्तर भारत के अनेक हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल होती जा रही हैं।
आज, 10 अक्टूबर 2026 को 0830 बजे IST तक पिछले 24 घंटों के दौरान दर्ज मौसम:
❖ बिहार में भारी से बहुत भारी वर्षा (12–20 सेमी) दर्ज की गई।
❖ उत्तर तमिलनाडु, उत्तर केरल और तटीय ओडिशा में भारी वर्षा (7–11 सेमी) दर्ज की गई।
❖ हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि हुई।
दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी (अनुलग्नक-I):
❖ दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा अभी भी 27.5°N/86.5°E, सुपौल, रांची, सुंदरगढ़, बरगढ़, बीजापुर, हैदराबाद, बेलगावी, पणजी तथा 15°N/72°E से होकर गुजर रही है।
मौसम प्रणालियाँ, पूर्वानुमान एवं चेतावनियाँ (अनुलग्नक-II एवं III):
❖ मन्नार की खाड़ी तथा उससे सटे दक्षिण तमिलनाडु के ऊपर निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
❖ मन्नार की खाड़ी तथा उससे सटे दक्षिण तमिलनाडु के ऊपर स्थित चक्रवाती परिसंचरण से उत्तर मध्य महाराष्ट्र तक निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक द्रोणिका बनी हुई है।
❖ ओडिशा के मध्य भागों के ऊपर निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
❖ उत्तर-पश्चिमी राजस्थान से दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश तक निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक द्रोणिका विस्तृत है, जो उत्तर राजस्थान से ओडिशा के मध्य भागों के ऊपर स्थित चक्रवाती परिसंचरण तक जाती है।
❖ दक्षिण बांग्लादेश तथा आसपास के क्षेत्रों के ऊपर निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
❖ हरियाणा तथा आसपास के क्षेत्रों के ऊपर निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
❖ पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा आसपास के क्षेत्रों के ऊपर निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
❖ एक पश्चिमी विक्षोभ हिमाचल प्रदेश के ऊपर निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में स्थित है।
❖ थाईलैंड की खाड़ी तथा आसपास के क्षेत्रों के ऊपर स्थित ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण अब मलक्का जलडमरूमध्य के ऊपर स्थित है तथा ऊपरी क्षोभमंडलीय स्तरों तक विस्तृत है। इसके 11 अक्टूबर के आसपास अंडमान सागर में प्रवेश करने की संभावना है। इसके प्रभाव से 13 अक्टूबर के आसपास बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।
उपरोक्त मौसम प्रणालियों के प्रभाव में संभावित मौसम
1. उत्तर-पश्चिम भारत
❖ 10 अक्टूबर, 13 अक्टूबर और 16 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में अनेक स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है।
❖ 11 अक्टूबर तथा 14–15 अक्टूबर के दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में कुछ स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 10–16 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है।
❖ हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली तथा पंजाब में 10–16 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 अक्टूबर तथा 14–16 अक्टूबर के दौरान; पश्चिमी राजस्थान में 10–11 अक्टूबर तथा 16 अक्टूबर को; और पूर्वी राजस्थान में 10–11 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है।
❖ 10 अक्टूबर को उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने तथा तेज हवाएँ चलने की संभावना है। हवा की गति 30–40 किमी प्रति घंटा तथा झोंकों में 50 किमी प्रति घंटा तक पहुँच सकती है।
❖ 12 अक्टूबर को हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली तथा पंजाब में कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएँ चलने की संभावना है। हवा की गति 40–50 किमी प्रति घंटा तथा झोंकों में 60 किमी प्रति घंटा तक पहुँच सकती है।
पश्चिमी राजस्थान में 10–11 अक्टूबर के दौरान तथा पूर्वी राजस्थान में 10 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर तेज हवाएँ चलने की संभावना है। हवा की गति 30–40 किमी प्रति घंटा तथा झोंकों में 50 किमी प्रति घंटा तक पहुँच सकती है।
❖ 10 अक्टूबर तथा 14–16 अक्टूबर के दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में और 13–14 अक्टूबर के दौरान हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है।
2. मध्य भारत
❖ पश्चिमी मध्य प्रदेश में 11–12 अक्टूबर के दौरान; पूर्वी मध्य प्रदेश में 10 अक्टूबर को तथा छत्तीसगढ़ में 12–16 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है।
❖ छत्तीसगढ़ में 12–14 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने तथा तेज हवाएँ चलने की संभावना है। हवा की गति 40–50 किमी प्रति घंटा तथा झोंकों में 60 किमी प्रति घंटा तक पहुँच सकती है।
3. पूर्वी भारत
❖ 10–11 अक्टूबर के दौरान अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में अनेक स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है।
❖ अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में 12–16 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में 10–11 अक्टूबर तथा 16 अक्टूबर को; गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 10 अक्टूबर तथा 14–16 अक्टूबर के दौरान; झारखंड में 10–13 अक्टूबर के दौरान; बिहार में 10–11 अक्टूबर तथा 15–16 अक्टूबर के दौरान और ओडिशा में 10–16 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है।
❖ 10 अक्टूबर को ओडिशा में कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने तथा तेज हवाएँ चलने की संभावना है। हवा की गति 40–50 किमी प्रति घंटा तथा झोंकों में 60 किमी प्रति घंटा तक पहुँच सकती है।
बिहार तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में 10 अक्टूबर को और झारखंड में 10–13 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर तेज हवाएँ चलने की संभावना है। हवा की गति 30–40 किमी प्रति घंटा तथा झोंकों में 50 किमी प्रति घंटा तक पहुँच सकती है। ओडिशा में 11 अक्टूबर को भी ऐसी ही तेज हवाएँ चलने की संभावना है।
❖ 10 अक्टूबर को बिहार में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।
4. पूर्वोत्तर भारत
❖ अरुणाचल प्रदेश में 10–11 अक्टूबर तथा 15–16 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है।
असम एवं मेघालय में 10–11 अक्टूबर तथा 13–16 अक्टूबर के दौरान और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा में 10–16 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है।
❖ 10 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश तथा असम एवं मेघालय में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा में 10–11 अक्टूबर के दौरान ऐसी स्थिति बनने की संभावना है।
❖ 13 अक्टूबर को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।
5. दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत
❖ तटीय आंध्र प्रदेश एवं यनम, तटीय कर्नाटक, रायलसीमा तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल में 10–16 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है।
केरल एवं माहे में 11–14 अक्टूबर के दौरान; लक्षद्वीप में 11–15 अक्टूबर के दौरान; उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 16 अक्टूबर को तथा दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 10 अक्टूबर और 14–15 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है।
❖ केरल एवं माहे में 10 अक्टूबर तथा 15–16 अक्टूबर के दौरान; लक्षद्वीप में 10 अक्टूबर तथा 16 अक्टूबर को और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 16 अक्टूबर को अनेक स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है।
❖ तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल में 10–12 अक्टूबर के दौरान तथा केरल एवं माहे और लक्षद्वीप में 10–11 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएँ चलने की संभावना है। हवा की गति 40–50 किमी प्रति घंटा तथा झोंकों में 60 किमी प्रति घंटा तक पहुँच सकती है।
तटीय आंध्र प्रदेश एवं यनम तथा रायलसीमा में 10–14 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर तेज हवाएँ चलने की संभावना है। हवा की गति 30–40 किमी प्रति घंटा तथा झोंकों में 50 किमी प्रति घंटा तक पहुँच सकती है।
❖ केरल एवं माहे में 12–14 अक्टूबर के दौरान; तटीय कर्नाटक तथा दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 14–16 अक्टूबर के दौरान और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 16 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है।
❖ 10 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल तथा लक्षद्वीप में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। केरल एवं माहे में 10 अक्टूबर तथा 16 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।
❖ तटीय आंध्र प्रदेश एवं यनम तथा रायलसीमा में 10–14 अक्टूबर के दौरान सतह पर तेज हवाएँ चलने की संभावना है।
6. लू, गर्म एवं उमस भरे मौसम तथा गर्म रात की चेतावनी
❖ तटीय कर्नाटक तथा कोंकण एवं गोवा में 10–11 अक्टूबर के दौरान गर्म एवं उमस भरा मौसम रहने की संभावना है।
विभिन्न मौसम उपखंडों में दर्ज सर्वाधिक वर्षा (≥ 7 सेमी)
(कल 0830 बजे IST से आज 0830 बजे IST तक)
❖ बिहार: मधुबनी — 13 सेमी
❖ तमिलनाडु: थानिचियम — 8 सेमी
❖ केरल एवं माहे: सी.आई.ए.एल. कोच्चि — 8 सेमी
❖ ओडिशा: पुरी — 8 सेमी


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