केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19के संक्रमण को रोकने के लिए नया नैदानिक ​​प्रबंधन प्रोटोकॉल जारी किया


नए प्रोटोकॉल में मध्यम से गंभीर मामलों के उपचार के लिए मिथाइलप्रेडनिसोलोन के विकल्प के रूप में डेक्सामेथासोन का उपयोग करने का सुझाव शामिल


राजन मिश्रा/ गणेश पांडे                                                           27 JUN 2020 
विशेष रिपोर्ट

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोविड-19 के बारे में मिल रही जानकारीखासकर प्रभावी दवाओं के संदर्भ में, से तालमेल बनाए रखते हुएआज कोविड-19के संक्रमण को रोकने के लिए नया नैदानिक ​​प्रबंधन प्रोटोकॉल जारी किया है।नए प्रोटोकॉल में मध्यम से गंभीर मामलों के उपचार के लिए मिथाइलप्रेडनिसोलोन के विकल्प के रूप में डेक्सामेथासोन का उपयोग करने का सुझाव शामिल है। यह बदलाव नवीनतम उपलब्ध साक्ष्य और विशेषज्ञ परामर्श पर विचार करने के बाद किया गया है।
डेक्सामेथासोन एक कॉर्टिकोस्टेरॉइड दवा है जिसका उपयोग इसके प्रज्वलनरोधी और इम्यूनोसप्रेसेन्ट प्रभावों के लिए कई स्थितियों में किया जाता है। इस दवा का परीक्षण अस्पताल में भर्ती कोविड-19 के मरीजों के साथ रिकवरी क्लिनिकल परीक्षण में किया गया और गंभीर रूप से बीमार रोगियों के लिए यह दवा फायदेमंद पाई गई। यह दवा वेंटिलेटर पररखे गए रोगियों में मृत्यु दर को एक तिहाई तक कम करने और ऑक्सीजन थेरेपी से उपचार करा रहे रोगियों में मृत्यु दर को पांचवें हिस्से तक कम करने में सफल पाई गई। यह दवा आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची(एनएलईएममें शामिल है और यह आसानी से हर जगह उपलब्ध है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिवसुश्री प्रीति सूदन नेसभी राज्यों केंद्रशासित प्रदेशों को यह नया प्रोटोकॉल भेज दिया है ताकि वे इस नए प्रोटोकॉल और डेक्सामेथासोन दवा की उपलब्धता और उपयोग के लिए आवश्यक व्यवस्था कर सकें। राज्यों से संस्थागत स्तर पर भी इस दवा के इस्तेमाल के लिए कहा गया है। मार्गदर्शन दस्तावेज को स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइटhttps://www.mohfw.gov.in/pdf/ClinicalManagementProtocolforCOVID19dated27062020.pdfपर ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है। नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल को अंतिम बार 13 जून, 2020 को अपडेट किया गया था। इन तमाम तथ्यों की जानकारी पीआईबी द्वारा प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जारी की गई
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