भीषण गर्मी को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर


राजन मिश्रा /अरविंद पाठक 

पटना - बिहार में अप्रैल के महीने में गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है, भीषण गर्मी को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने कई विभागों को निर्देश दिया है  , नगर विकास विभाग को शहरी क्षेत्र में सार्वजनिक पीने के लिए पानी की व्यवस्था। आश्रय स्थलों में पानी और स्लम के लोगों के लिए आवश्यक दवाओं की उपलब्धता करने को कहा गया है। 

स्वास्थ्य विभाग को सभी अस्पतालों में लू से प्रभावित इलाज करने की व्यवस्था। सभी अस्पताल में ओआरएस पैकेट, जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता करने के लिए कहा गया है। 

शिक्षा विभाग को स्कूलों को सुबह की पाली में संचालित करने या गर्मी की छुट्टी पहले करने का निर्देश दे दिया गया है। 

परिवहन विभाग को दिन के 11:00 से दोपहर 3:30 तक वाहनों का परिचालन काम करने को कहा गया है और इस पर नियंत्रण रखने के लिए भी कहा गया है। 

ऊर्जा विभाग को बिजली के ढीले तारों को दुरुस्त करना होगा, ताकि तारों के टकरानों से अगलगी की घटना नहीं हो।

पर्यावरण विभाग को उद्यानों में जानवरों के पिंजरे को ठंडा रखने का इंतजाम। पर्यटन स्थलों पर पेयजल की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। 

पीएचईडी को खराब पड़े चापाकलों को मरम्मत करने के लिए कहा गया है। जहां पर पानी की संकट है उसे इलाकों में टैंकरों की व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया है। 

 ग्रामीण विकास विभाग को मनरेगा के तहत तालाब, आहर, पईन आदि की खुदाई की योजना में तेजी लाने के निर्देश।

पंचायती राज विभाग को लू के दौरान क्या करें, क्या न करें, इसका प्रचार-प्रसार। गांवों में पीने वाले पानी की व्यवस्था करने को कहा गया है। 

श्रम संसाधन विभाग को मजदूरों के कार्य विधि में बदलाव इसके साथ ही कार्यस्थल पर पीने के पानी की व्यवस्था और मजदूरों के बीच जागरूकता कैंप लगाने को कहा गया है। 

समाज कल्याण विभाग को आंगनबाड़ी केंद्रों पर पानी की व्यवस्था, नवजात शिशु बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष रूप से चिकित्सा सुविधा का इंतजाम करने के लिए कहा गया है। 

पशुपालन विभाग को सरकारी ट्यूबवेल और अन्य स्थानों पर गड्डा खोदकर पशुओं के पानी का इंतजाम। पशुओं के लिए चिकित्सा दल बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को  लू से बचाव के उपाय से संबंधित विज्ञापन का प्रचार-प्रसार सार्वजनिक माध्यमों से करना।

सूचना प्रावैधिकी विभाग को लू से बचाव को राज्य व जिलास्तर पर डैशबोर्ड बनेगा और एसएमएस भेजने की व्यवस्था।

राज्य अग्निशमन निदेशालय को अगलगी की घटना से निबटने व रोकथाम के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।

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