प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों के लिए बने मसीहा 


समय रहते लॉक टाउन कर लोगों का को सुरक्षित करने का निर्णय लेकर देश के लाखों लोगों का जीवन खतरे से बाहर करने का श्रेय

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ का  चल रहा विशेष योगदान बना रहेगा यादगार

पुलिस- प्रशासन व स्वास्थ्य कर्मी बने लोगों के लिए भगवान इनको देना होगा मान सम्मान्    
राजन मिश्रा
31 मार्च 2020

बक्सर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी और कुछ अन्य मुख्यमंत्रियों के अलावा कोई भी मंत्री देश के लोगों के इस विकट परिस्थिति में सामने नहीं दिख रहे हैं इससे ऐसा महसूस होता है कि यह लोग केवल देश के विकास के समय देश के साथ रहते हैं जगह-जगह उद्घाटन करते छोटे-मोटे कामों को करके अपना फोटो खिंचवाते और मीडिया कर्मियों को अपने पाले में करते  नजर आते हैं ताकि देश के साथ साथ इनका भी विकास हो जाए और जब देश में किसी प्रकार की महामारी या विकट परिस्थिति आता है तो यह लोग अपने आप को जनता से दूर कर लेते हैं वहीं दूसरी ओर जब इनका समय खराब होता है यानी जब चुनाव का समय आता है तो यह लोग दर-दर घूम कर लोगों से वोट मांगने की अपील करते हैं और अपने आपको जनता से उनका नेता चुनने की भीख तक मांगते हैं जो कहीं से भी सही नहीं है इस महामारी के समय में तमाम नेताओं का बयान और काम नजर आने की जगह कुछ लोगों का काम है जो नजर आ रहा है जो जनता के हित में और देश के हित में है वहीं कुछ छुट भैया नेता अपने आप को विरोधाभास करके सुर्खियों में आने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन वह यह नहीं जानते कि देश के लोग इतने मूर्ख नहीं है इन्हें भी सोचने समझने की शक्ति उतनी ही है जितनी इनके पास है लेकिन यह लोग जनता को बचाने के राह पर चलने की जगह अपने आप को सुर्खियों के में लाने के चक्कर में हैं लेकिन इनका यह मंशा कभी पूरा नहीं होगा क्योंकि देश हित में जो काम समय रहते प्रधानमंत्री मोदी ने किया है वह अविस्मरणीय है जो काम बिहार के लोगों के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए आदित्यनाथ योगी ने किया है उसे भुलाया नहीं जा सकता यह बातें दीगर है कि भलाई का कार्य करते समय कुछ चुके भी हो जाती है लेकिन जब अपनी चूक को कोई मान लेता है और उसे सुधारने की कोशिश में लग जाता है तो उस गलती को मनुष्य क्या भगवान भी माफ कर देता है और ऐसे ही कुछ छोटी-मोटी परेशानियां बड़े-बड़े निर्णय को लेने में आई है जिसके लिए स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोगों से माफी मांगते हुए उसे सुधारने के लिए तमाम कदम भी उठाए गए और बहुत हद तक सुधार भी लिया गया है इस कोरोना वायरस के महामारी के समय सही समय पर लोगों को सूचित करते हुए लोगों को बचा लेना और भारी तादाद में मरने की जगह कुछ लोगों पर ही इसे समेट लिया जाना यह बहुत बड़ी उपलब्धि है देशहित के साथ-साथ यह मानव रक्षा का कार्य भी प्रधानमंत्री मोदी ने किया है और देश के लोग इससे भुला नहीं पाएंगे गौरतलब हो कि इस महामारी के समय में कोई भी शीर्ष नेता सामने नहीं आ रहे हैं नहीं लोगों के बीच अपना कोई संदेश ही छोड़ रहे हैं इससे यह साबित हो जाता है कि यह लोग पूरी तरह से निकम्मे हैं और देश के लिए किसी काम के लायक नहीं है यह लोग केवल चुनाव के समय अपना कुर्सी बचाने के लिए लोगों के बीच में तेजी से आने लगते हैं और कुर्सी मिलते ही अपना रुख बदल लेते हैं और जनता से कोसों दूर रहने लगते हैं देश के स्वास्थ्य मंत्री हो या बिहार के राज्य स्वास्थ्य मंत्री या किसी अन्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री इन लोगों का कोई भी बयान इस महामारी के समय नहीं आ रहा है ना ही इन लोगों द्वारा आम लोगों की मदद ही की जा रही है ना ही अपने विभाग का कोई विकास संबंधी कार्य ही किया जा रहा है जिसके कारण शीर्ष नेताओं को ही सारा बोझ सहना पड़ रहा है आने वाले समय में ऐसा लगता है की जनता इनसे हिसाब जरूर लेगी और चुनाव से पहले इनका हिसाब जनता कर देगी क्योंकि विषम महामारी के समय में काम नहीं आने वाले लोगों के प्रति जनता काफी सजग है और कैसे किस का हिसाब करना है लॉक डाउन के समय में जनता यह योजना बना रही है यह भी बातें सत्य है कि पुलिस प्रशासन द्वारा जो सहयोग लोगों को मिला है वह काफी सराहनीय है मानवता का कार्य हो या लॉक डाउन में लोगों को बचाने हेतु घर में बैठाने का कार्य हो पुलिस विभाग के लोग और प्रशासन के लोग सहित स्वास्थ्य विभाग के लोगों की अहम भूमिका इसमें है स्वास्थ्य विभाग में भी निचले पायदान के तमाम कर्मचारी या यूं कहें कि स्वास्थ्य विभाग के चौकीदार और सिपाही ही इस महामारी में लोगों के काम आए हैं इन लोगों के लिए भी जनता तहे दिल से शुक्रगुजार है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से भी निवेदन है कि आने वाले दिनों में इनके प्रति विशेष व्यवस्था करते हुए इन लोगों को क्षेत्र में अधिक जिम्मेदारियां और इनके वेतन में भी बढ़ोतरी करें और देश में कार्यरत इन तमाम निकम्मे नेताओं पर होने वाले खर्चों को समेट कर इन सिपाहियों और स्वास्थ्य कर्ताओं तक डाइवर्ट करने की कोशिश हो आज इस महामारी के समय में चाणक्य का कथन सामने आ रहा है जिसमें या कहा गया है कि संकट के समय में ही देश के राजा और सच्चे मित्र की पहचान होती है आज इस संकट के समय में सब ने अपने अपना पहचान बता दिया है और उसी के हिसाब से इनको आगे भुगतान भी मिलेगा चाहे वह नेता हो चाहे वह कैबिनेट मंत्री हो और चाहे कोई भी हो सबकी करनी आज सामने है
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